फैक्ट-चेक नीति
सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जनपक्षीय पत्रकारिता के मानक
PratinidhiTimes.Com पर प्रकाशित प्रत्येक समाचार, वीडियो और विश्लेषण को तथ्यात्मक प्रमाणिकता की कठोर प्रक्रिया से परखा जाता है। हम सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) की डिजिटल मीडिया आचार संहिता तथा पत्र सूचना कार्यालय (PIB Fact Check) द्वारा निर्धारित सत्यापन मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हैं।
हमारा प्राथमिक उद्देश्य भ्रामक जानकारियों, फर्जी दावों और दुष्प्रचार को रोकना तथा नागरिकों तक निष्पक्ष व जांची-परखी सूचनाएं पहुंचाना है।
तथ्य-जांच नीति (Fact-Check Policy)
Pratinidhi Times में हमारी प्राथमिकता अपने पाठकों तक बिना किसी पूर्वाग्रह के सटीक, प्रामाणिक और सत्यापित (Verified) जानकारी पहुँचाना है। हमारी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य जन-सरोकार, जनप्रतिनिधियों के वादों की पड़ताल और भ्रामक खबरों (Fake News) का पर्दाफाश करना है।
हम निम्नलिखित आधारों पर किसी दावे या खबर को फैक्ट-चेक के लिए चुनते हैं:
जनप्रतिनिधियों और सार्वजनिक हस्तियों के दावे
नेताओं, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों या अधिकारियों द्वारा जनसभाओं, प्रेस कॉन्फ्रेंस या सोशल मीडिया पर किए गए बजटीय, विकास कार्यों या नीतिगत दावे।
धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं/ट्रस्टों की खबरें
चंदे, फंड आवंटन, सार्वजनिक कल्याण के दावों या सोशल मीडिया पर उनके संबंध में वायरल हो रही भ्रामक जानकारी।
सार्वजनिक हित और सुरक्षा
ऐसी अफवाहें, फर्जी सरकारी योजनाएं या वायरल मैसेज जिनका सीधा असर आम जनता की जेब, सेहत, सुरक्षा या सामाजिक सौहार्द पर पड़ता हो।
हमारी टीम किसी भी दावे का सच सामने लाने के लिए निम्नलिखित 4-स्तरीय प्रक्रिया अपनाती है:
दावे का स्रोत (Source Verification)
सबसे पहले यह पता लगाया जाता है कि दावा सबसे पहले कहाँ और किसके द्वारा किया गया (मूल पोस्ट, वीडियो, भाषण या प्रेस विज्ञप्ति)।
प्राथमिक और आधिकारिक प्रमाण (Primary Sources & Official Data)
हम केवल अफवाहों या सेकेंडरी खबरों पर भरोसा नहीं करते। जांच के लिए सरकारी गजट, आरटीआई (RTI) जवाब, संसद/विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड, बजटीय दस्तावेज, अदालत के फैसले और संबंधित विभागों के आधिकारिक आंकड़ों की मदद ली जाती है।
विशेषज्ञों और संबंधित पक्ष से संपर्क (Expert Opinion & Right to Reply)
आवश्यकता पड़ने पर विषय-विशेषज्ञों से तकनीकी राय ली जाती है। साथ ही, जिस व्यक्ति या संस्था से जुड़ा दावा है, उनसे उनका पक्ष (Right to Reply) मांगा जाता है।
पारदर्शी निष्कर्ष (Transparent Verdict)
सभी सबूतों को एकत्रित करने के बाद हम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताते हैं कि दावा सत्य (true), अंशतः सत्य (Partially true), भ्रामक (Misleading), या पूर्णतः असत्य/फर्जी (false) है।
हमारा मानना है कि पाठकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि हम किसी निष्कर्ष पर कैसे पहुंचे।
- हमारी हर फैक्ट-चेक रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए सभी दस्तावेजों, आधिकारिक लिंक्स, स्क्रीनशॉट्स और डेटा सोर्स का स्पष्ट उल्लेख होता है, ताकि पाठक स्वयं भी उन साक्ष्यों की जांच कर सकें।
- हम किसी भी ऐसी गुप्त या अपुष्ट जानकारी के आधार पर फैक्ट-चेक का निष्कर्ष नहीं निकालते जिसे सार्वजनिक रूप से सत्यापित न किया जा सके।
- Pratinidhi Times की फैक्ट-चेकिंग टीम किसी भी राजनीतिक दल, विचारधारा, धार्मिक संगठन या कॉरपोरेट घराने के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त है।
- हमारी तथ्य-जांच नीति सभी जनप्रतिनिधियों, पक्षों और संस्थाओं पर एक समान रूप से लागू होती है चाहे वे सत्ता में हों या विपक्ष में।
यदि हमारी किसी फैक्ट-चेक रिपोर्ट में कोई नई जानकारी सामने आती है या कोई अनजाने में हुई फैक्चुअल गलती पाई जाती है:
- हम अपनी Corrections Policy के तहत रिपोर्ट को तुरंत अपडेट करते हैं।
- लेख के शीर्ष या अंत में स्पष्ट रूप से 'Correction / Updated Note' के साथ तारीख और सुधार का कारण लिखा जाता है ताकि पाठकों से कुछ भी छिपा न रहे।
यदि आपको सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या किसी जनप्रतिनिधि/संस्था के बयान पर संदेह है और आप चाहते हैं कि Pratinidhi Times उसकी पड़ताल करे, तो आप हमें सीधे भेज सकते हैं:
Claim for Fact Check – [दावे का विषय]
दावे का स्क्रीनशॉट, वीडियो लिंक या मैसेज साथ में संलग्न करें।
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