मानक एवं सिद्धांत

प्रतिनिधि टाइम्स संपादकीय नीति

चाटुकारिता नहीं, सवाल करने वाली पत्रकारिता

प्रतिनिधि टाइम्स (Pratinidhi Times) में हमारा विश्वास लोकतांत्रिक मूल्यों, सत्यनिष्ठा और निर्भीक पत्रकारिता में है। हमारा उद्देश्य सत्ता और जनप्रतिनिधियों से बिना किसी संकोच के तीखे सवाल पूछना और जनता तक प्रमाणिक तथ्य पहुंचाना है।

सत्यापित तथ्य
हर खबर को प्रकाशित करने से पहले कम से कम दो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों से पुष्ट किया जाता है।
जवाबदेही व निष्पक्षता
जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना और बिना किसी पक्षपात के जनता के समक्ष यथार्थ प्रस्तुत करना हमारा कर्तव्य है।
पूर्ण पारदर्शिता
खबरों के स्रोत, हितों के टकराव और किसी भी प्रकार के संशोधन की सूचना पाठकों के साथ तुरंत साझा की जाती है।
संशोधन नीति
यदि किसी रिपोर्ट में तथ्यात्मक त्रुटि पाई जाती है, तो उसे त्वरित रूप से स्पष्ट नोट के साथ सुधारा जाता है।
जनहित सर्वोपरि
पंचायत से संसद तक की हर नीति और निर्णय का मूल्यांकन केवल आम नागरिक के हितों के आधार पर होता है।
आचार संहिता
सनसनीखेज पत्रकारिता, अफवाहों और अनैतिक विज्ञापनों से पूर्ण परहेज हमारे कार्य का मूल नियम है।
संपादकीय नीति एवं मानक

सत्य, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक जवाबदेही के मानक

प्रतिनिधि टाइम्स (Pratinidhi Times) की पत्रकारिता 'Check & Balance' के संवैधानिक सिद्धांत पर संचालित होती है। पंचायत से संसद तक, जनता के विश्वास की रक्षा ही हमारा एकमात्र संपादकीय कर्तव्य है।

संपादकीय दृष्टि — मोहम्मद वज़हुल कमर (Mohammad Wazhul Qamar)

"खबर का उद्देश्य सनसनी पैदा करना नहीं, बल्कि सत्ता और व्यवस्था को जनहित के प्रति जवाबदेह बनाना है। जब तक हर आरोप का दस्तावेजी सत्यापन न हो, वह प्रतिनिधि टाइम्स के पन्नों पर जगह नहीं पा सकता।"

संस्थापक एवं प्रधान संपादक, प्रतिनिधि टाइम्स डिजिटल मीडिया

QK

संपादकीय आचार संहिता के 8 प्रमुख स्तंभ

नियम 01
पत्रकारिता की स्वतंत्रता एवं निष्पक्षता
राजनीतिक, वित्तीय और कॉर्पोरेट दबाव से पूर्णतः मुक्त स्वतंत्र पत्रकारिता।

प्रतिनिधि टाइम्स (Pratinidhi Times) किसी भी राजनीतिक दल, व्यावसायिक घराने अथवा वैचारिक दबाव समूह के अधीन कार्य नहीं करता। हमारी संपादकीय नीति 'Check & Balance' के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर आधारित है। खबरों के चयन, प्राथमिकताओं और विश्लेषण में हमारा एकमात्र सरोकार जनहित, संवैधानिक मूल्य और पारदर्शिता है।

संपादकीय निर्णय विज्ञापनदाताओं, राजनीतिक दलों या निजी व्यावसायिक हितों से पूरी तरह स्वतंत्र रहते हैं।
नियम 02
तथ्य-जांच एवं सत्यापन मानक (Fact Verification)
हर महत्वपूर्ण सूचना का दोहरे स्तर पर सत्यापन अनिवार्य।

किसी भी समाचार अथवा खोजी रिपोर्ट को प्रकाशित करने से पूर्व उसके तथ्यों की पुष्टि कम से कम दो स्वतंत्र व विश्वसनीय स्रोतों अथवा आधिकारिक दस्तावेजी साक्ष्यों से की जाती है। केवल सोशल मीडिया दावों, वायरल वीडियो या मौखिक वक्तव्यों को बिना जमीनी व तकनीकी पुष्टि के तथ्य नहीं माना जाता।

बिना दस्तावेजी साक्ष्य या विश्वसनीय पुष्टि के कोई भी संवेदनशील खबर प्रकाशित नहीं की जाती।
नियम 03
आरोप, शिकायत और तथ्य में स्पष्ट अंतर
आरोपों को सिद्ध सत्य न मानकर निष्पक्ष भाषा में प्रस्तुत करने का नियम।

हम किसी व्यक्ति, संस्था अथवा लोक प्रतिनिधि के विरुद्ध लगाए गए आरोपों, प्राथमिकियों (FIR) या शिकायतों को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करते। न्यायिक प्रक्रिया और विधि के शासन का सम्मान करते हुए भाषा में 'आरोप', 'जांच जारी' और 'कथित' जैसे विधिक रूप से सटीक शब्दों का उपयोग किया जाता है।

न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले किसी को दोषी घोषित करने वाली आक्रामक भाषा सर्वथा वर्जित है।
नियम 04
संबंधित पक्ष का पक्ष (Right to Reply)
गंभीर दावों या जांच रिपोर्ट में संबंधित व्यक्ति/पक्ष को पक्ष रखने का अनिवार्य अवसर।

यदि किसी रिपोर्ट में किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा पर सीधा असर पड़ता है, तो रिपोर्ट के प्रकाशन से पूर्व उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय व माध्यम दिया जाता है। यदि वे उत्तर देने से इनकार करते हैं अथवा तय समय में उत्तर नहीं देते, तो इसका स्पष्ट उल्लेख रिपोर्ट में किया जाता है।

हर जांच में दोनों पक्षों को सुनना हमारी बुनियादी और गैर-परक्राम्य निष्पक्षता नीति है।
नियम 05
स्रोतों की गोपनीयता एवं सुरक्षा (Source Protection)
व्हिसलब्लोअर और संवेदनशील स्रोतों की पहचान की अचूक सुरक्षा।

जनहित में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं को उजागर करने वाले मुखबिरों (Whistleblowers) और संवेदनशील स्रोतों की पहचान किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक नहीं की जाती। हम पत्रकारिता के वैश्विक मानकों के अनुसार स्रोत की सुरक्षा के प्रति कानूनी व नैतिक रूप से प्रतिबद्ध हैं।

गोपनीय स्रोत की पहचान केवल संबंधित मुख्य जांचकर्ता और प्रधान संपादक तक ही सीमित रहती है।
नियम 06
पारदर्शी सुधार नीति (Corrections Policy)
तथ्यात्मक त्रुटि पाए जाने पर स्पष्ट, त्वरित व पारदर्शी संशोधन।

यदि प्रकाशित समाचार में कोई तथ्यात्मक त्रुटि संज्ञान में आती है, तो हम बिना किसी हिचक के उसे त्वरित रूप से ठीक करते हैं। सुधार के साथ रिपोर्ट में संपादन का समय, पूर्व त्रुटि और किए गए बदलाव का स्पष्ट 'संपादकीय संशोधन नोट' अंकित किया जाता है।

गलती छुपाने के बजाय पारदर्शी तरीके से पाठकों के समक्ष सुधार प्रस्तुत करना हमारी नीति है।
नियम 07
हितों का टकराव एवं उपहार नीति (Conflict of Interest)
संपादकीय दल के लिए उपहार, व्यक्तिगत आर्थिक लाभ या पक्षपात पर पूर्ण प्रतिबंध।

प्रतिनिधि टाइम्स के पत्रकारों, संपादकों और विश्लेषकों को किसी राजनीतिक दल, जन प्रतिनिधि या कॉरपोरेट संस्था से किसी भी प्रकार के महंगे उपहार, प्रायोजित यात्राएं या अनुचित व्यक्तिगत लाभ स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। यदि किसी रिपोर्टर का किसी विषय से व्यक्तिगत हित जुड़ा है, तो उसे उस कवरेज से अलग रखा जाता है।

शून्य-सहिष्णुता (Zero Tolerance) नीति — वित्तीय शुचिता पत्रकारिता की विश्वसनीयता की पहली शर्त है।
नियम 08
जन-शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal)
पाठकों व नागरिकों की आपत्तियों के समाधान हेतु समर्पित संपर्क व्यवस्था।

यदि किसी पाठक, संस्था अथवा नागरिक को प्रकाशित सामग्री की सत्यता, भाषा अथवा निष्पक्षता को लेकर कोई आपत्ति है, तो वे हमारे शिकायत निवारण अधिकारी से सीधे संपर्क कर सकते हैं। नियमानुसार प्राप्त हर वैध शिकायत पर निर्धारित समय-सीमा में तथ्यात्मक समीक्षा की जाती है।

संपादकीय प्रश्नों व शिकायतों के समाधान हेतु समर्पित संपर्क पृष्ठ उपलब्ध कराया गया है।

विधिक एवं संपादकीय स्पष्टता (Detailed Legal Provisions)

समाचार संकलन, प्रसारण और सार्वजनिक जवाबदेही से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश नीचे दिए गए हैं।

संपादकीय प्रश्न अथवा शिकायत निवारण

यदि आपके पास किसी प्रकाशित रिपोर्ट के संबंध में तथ्य, सुधार अथवा निष्पक्षता से जुड़ी आपत्ति है, तो हमारे संपादकीय मंडल से संपर्क करें।

प्रतिनिधि से सवाल, जनता को जवाब

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