हमारे बारे में
प्रतिनिधि टाइम्स — सवाल जनता के, जवाब प्रतिनिधियों के
लोकतांत्रिक मूल्यों का स्वतंत्र डिजिटल मंच
प्रतिनिधि टाइम्स (PratinidhiTimes.Com) केवल एक न्यूज़ वेबसाइट नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, जन-सरोकार, पारदर्शिता और निष्पक्ष सवाल पूछने वाली पत्रकारिता का एक स्वतंत्र डिजिटल मंच है।
हमारा उद्देश्य ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक जनप्रतिनिधियों, सार्वजनिक संस्थाओं और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को जनता के सामने तथ्य, दस्तावेज़ और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर प्रस्तुत करना तथा स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा देना है।
सच्चे लोकतंत्र की बुनियाद:
हमारा विश्वास है कि लोकतंत्र केवल चुनाव और मतदान तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र की वास्तविक मजबूती तब होती है, जब नागरिक अपने प्रतिनिधियों से सवाल पूछ सकें, सार्वजनिक संस्थाओं के कार्यों को समझ सकें, उपलब्धियों का मूल्यांकन कर सकें और कमियों पर स्पष्टीकरण मांग सकें।
मूल नीति | Core Editorial Policy
“चाटुकारिता नहीं, सवाल करने वाली पत्रकारिता।”
हम किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल, संस्था या विचारधारा के प्रचार या विरोध के लिए नहीं, बल्कि जनहित में तथ्य सामने रखने, सवाल उठाने और संबंधित पक्ष को जवाब देने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हर स्तर के जनप्रतिनिधि के कार्यों का तथ्यात्मक मूल्यांकन
सार्वजनिक रिकॉर्ड और तथ्यपरक साक्ष्यों की गहन पड़ताल
Check & Balance के साथ संबंधित पक्ष को जवाब का पूरा अवसर
हमारी पत्रकारिता — चाटुकारिता नहीं, जवाबदेही
सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही के 4 मूल सिद्धांत
हमारा उद्देश्य किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि तथ्यों को सामने रखकर जनता को सूचित करना और सार्वजनिक जवाबदेही को प्रोत्साहित करना है।
हमारा आधार अफवाह नहीं, तथ्य है।
दस्तावेजों, आधिकारिक रिकॉर्ड और पुख्ता सबूतों पर आधारित स्वतंत्र विश्लेषण।
हमारा उद्देश्य सनसनी नहीं, जनहित है।
नागरिक अधिकारों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही को प्राथमिकता।
हमारी प्राथमिकता चाटुकारिता नहीं, सवाल है।
ग्राम पंचायत से संसद तक चुने हुए प्रतिनिधियों के वादों और कार्यों की निष्पक्ष पड़ताल।
हमारी प्रतिबद्धता स्वतंत्र एवं जिम्मेदार पत्रकारिता से है।
बिना किसी राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत पक्षपात के जनता के पक्ष में निर्भीक लेखन।
क्या आपके पास जनहित का कोई मुद्दा है?
हमसे सीधे संपर्क करें और अपने क्षेत्र की समस्या बताएं।
Check & Balance — हमारा मूल सिद्धांत
यदि कोई जनप्रतिनिधि या संस्था अच्छा कार्य करती है, तो उसकी उपलब्धियों को भी सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है; और यदि किसी सार्वजनिक कार्य या योजना पर तथ्यपरक प्रश्न उठते हैं, तो उन्हें भी पूरी निष्पक्षता से रखा जाएगा।
विज़न, मिशन एवं सिद्धांत
पारदर्शी लोकतंत्र, तथ्यपरक विश्लेषण और सत्ता-संस्थाओं की जवाबदेही के लिए हमारी प्रतिबद्धता
हम एक ऐसे जागरूक, सशक्त और जवाबदेह समाज की दिशा में योगदान देना चाहते हैं, जहां ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक जनप्रतिनिधि और सार्वजनिक महत्व की संस्थाएं अपने कार्यों के संबंध में जनता के प्रति पारदर्शी और उत्तरदायी हों।
हम ऐसा मीडिया मंच विकसित करना चाहते हैं जहां नागरिक बिना अनावश्यक भय या संकोच के जनहित से जुड़े प्रश्न उठा सकें और जहां सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर तथ्यपरक एवं स्वतंत्र संवाद के लिए स्थान हो।
हमारा विज़न किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध अभियान चलाना नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से लोकतांत्रिक भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने में योगदान देना है।
प्रतिनिधि टाइम्स का मिशन पत्रकारिता को जनता, जनप्रतिनिधियों और सार्वजनिक संस्थाओं के बीच सवाल, संवाद, सूचना और जवाबदेही का माध्यम बनाना है।
हमारा प्रयास रहेगा कि जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाया जाए, उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल की जाए, सार्वजनिक दावों और कार्यों की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया जाए, संबंधित पक्ष का दृष्टिकोण सामने रखा जाए और महत्वपूर्ण मामलों में आवश्यकतानुसार फॉलो-अप किया जाए।
हमारी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल यह बताना नहीं होगा कि “क्या हुआ?”, बल्कि जहां संभव और प्रासंगिक हो, यह समझने का प्रयास भी होगा कि “क्यों हुआ, कैसे हुआ, इसका प्रभाव क्या है और इसके बाद क्या हुआ?”
लोकतंत्र में सत्ता और सार्वजनिक संस्थाओं पर निगरानी रखने वाली स्वतंत्र पत्रकारिता का महत्वपूर्ण स्थान है।
प्रतिनिधि टाइम्स Check & Balance की भावना के साथ काम करने का प्रयास करेगा।
यदि कोई जनप्रतिनिधि या संस्था अच्छा कार्य करती है, तो उसकी उपलब्धियों और सकारात्मक पहलों को भी सामने लाना हमारी जिम्मेदारी होगी।
और यदि किसी सार्वजनिक कार्य, वादे, योजना, निर्णय या व्यवस्था को लेकर तथ्यपरक प्रश्न उठते हैं, तो उन प्रश्नों को भी सामने रखा जाएगा।
हमारा उद्देश्य आलोचना के लिए आलोचना करना नहीं, बल्कि जनता को उपलब्ध जानकारी के आधार पर वास्तविक स्थिति समझने में सहायता करना है।
संपादकीय मूल्य एवं पड़ताल की रूपरेखा
तथ्य, प्रमाण, पारदर्शी संवाद और सार्वजनिक जवाबदेही के प्रति हमारी अखंड प्रतिबद्धता।
भारत का लोकतंत्र केवल संसद और विधानसभा में नहीं, बल्कि गांव और स्थानीय संस्थाओं से शुरू होता है।
ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद से लेकर नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम तक; विधायक से सांसद तक—हर स्तर का प्रतिनिधित्व लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रतिनिधि टाइम्स इन सभी स्तरों से जुड़े जनहित के विषयों को अपनी पत्रकारिता में स्थान देने का प्रयास करेगा।
हम जानना चाहते हैं—
- क्या वादा किया गया था?
- क्या कार्य हुआ?
- कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है?
- किसके लिए हुआ?
- उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार कितना संसाधन खर्च हुआ?
- जनता को उसका लाभ मिला या नहीं?
- और यदि कोई समस्या या देरी है, तो संबंधित पक्ष का क्या कहना है?
इन सवालों का उद्देश्य किसी व्यक्ति के विरुद्ध निष्कर्ष निकालना नहीं, बल्कि सार्वजनिक जानकारी और जवाब के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
प्रतिनिधि टाइम्स का प्रयास केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रहेगा। महत्वपूर्ण जनहित के मामलों में हम उपलब्ध जानकारी, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के आधार पर पड़ताल और फॉलो-अप पत्रकारिता को महत्व देंगे।
यदि किसी क्षेत्र में सड़क, स्कूल, अस्पताल, पानी, बिजली, स्वच्छता, रोजगार, प्रशासनिक व्यवस्था या किसी अन्य सार्वजनिक सुविधा से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो जहां संभव होगा, हम उसके समाधान की दिशा में हुई कार्रवाई की स्थिति जानने का प्रयास करेंगे।
यदि किसी प्रतिनिधि या संस्था द्वारा किसी विकास कार्य या योजना के संबंध में सार्वजनिक दावा किया जाता है, तो उपलब्ध प्रमाणों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर उसकी स्थिति समझने का प्रयास किया जा सकता है।
हमारा सवाल केवल यह नहीं होगा कि “कहा क्या गया?”, बल्कि यह भी होगा कि “उपलब्ध तथ्यों के अनुसार स्थिति क्या है?”
प्रतिनिधि टाइम्स तथ्यपरक और प्रमाण-आधारित पत्रकारिता को प्राथमिकता देता है।
जहां उपलब्ध हों, वहां सरकारी दस्तावेज़, आधिकारिक रिकॉर्ड, सार्वजनिक रिपोर्ट, आंकड़े, आदेश, अधिसूचनाएं, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाएं और संबंधित पक्षों के बयान हमारी रिपोर्टिंग के महत्वपूर्ण आधार हो सकते हैं।
हम यह स्पष्ट करना आवश्यक समझते हैं कि किसी सूचना का सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होना अपने आप में उसकी पूर्ण सत्यता की गारंटी नहीं है। इसलिए विषय की प्रकृति के अनुसार उपलब्ध सूचना के सत्यापन और संदर्भ को ध्यान में रखते हुए रिपोर्टिंग करने का प्रयास किया जाएगा।
हमारा उद्देश्य फैसला सुनाना नहीं, तथ्य सामने रखना है।
प्रतिनिधि टाइम्स किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध लगाए गए आरोप, शिकायत, दावा या विवाद को स्वतः सिद्ध तथ्य नहीं मानता।
जहां किसी रिपोर्ट में आरोप या शिकायत शामिल हो, वहां उसे उसके उचित संदर्भ में प्रस्तुत करने और, जहां संभव हो, संबंधित पक्ष से प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
किसी न्यायिक या वैधानिक मामले में किसी व्यक्ति के विरुद्ध आरोप, प्राथमिकी, जांच या कार्यवाही को उसके अंतिम दोषसिद्ध होने के समान नहीं माना जाएगा। जहां किसी सक्षम न्यायालय अथवा प्राधिकरण का प्रासंगिक आदेश या निर्णय उपलब्ध हो, वहां रिपोर्टिंग में उसकी वास्तविक स्थिति और संदर्भ को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रतिनिधि टाइम्स किसी न्यायालय, जांच एजेंसी या सक्षम वैधानिक प्राधिकरण की भूमिका ग्रहण नहीं करता।
निष्पक्ष पत्रकारिता का अर्थ केवल सवाल पूछना नहीं, बल्कि जवाब के लिए उचित अवसर देना भी है।
किसी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, संस्था या संगठन से संबंधित गंभीर आरोप, विवाद अथवा प्रतिकूल दावे की रिपोर्टिंग करते समय परिस्थितियों के अनुरूप संबंधित पक्ष से प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
यदि संबंधित पक्ष प्रतिक्रिया देने से इनकार करता है, निर्धारित समय में जवाब उपलब्ध नहीं कराता या तत्काल प्रतिक्रिया प्राप्त करना संभव नहीं होता, तो परिस्थितियों के अनुसार इसका उल्लेख किया जा सकता है। बाद में प्राप्त प्रासंगिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण को भी विषय की प्रकृति के अनुसार उचित स्थान देने का प्रयास किया जाएगा।
जवाबदेही केवल राजनीतिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है। समाज में धार्मिक संस्थाएं, सामाजिक संगठन, ट्रस्ट, समितियां, सांस्कृतिक संस्थाएं, शैक्षणिक संस्थान और अन्य सार्वजनिक महत्व की संस्थाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यदि ऐसी किसी संस्था की गतिविधि, निर्णय, सार्वजनिक दावा, प्रशासनिक व्यवस्था या वित्तीय गतिविधि से संबंधित कोई विषय व्यापक जनहित का है और उसके संबंध में पर्याप्त तथ्य या सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, तो प्रतिनिधि टाइम्स उस पर पत्रकारिता एवं पड़ताल कर सकता है।
विशेष रूप से समाज या समुदाय के नाम पर सार्वजनिक रूप से संसाधन, सहयोग या चंदा प्राप्त करने वाली संस्थाओं के संबंध में पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़े वैध एवं जनहितकारी प्रश्न उठाना लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा हो सकता है।
हालांकि किसी संस्था के संबंध में वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी या अन्य गंभीर आरोप केवल उपलब्ध प्रमाण और उचित संदर्भ के साथ ही प्रस्तुत किए जाएंगे तथा किसी आरोप को अंतिम निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा, जब तक उसके समर्थन में विश्वसनीय एवं पर्याप्त आधार न हो।
प्रतिनिधि टाइम्स का केंद्र जनहित है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास, शहरी समस्याएं, नागरिक सुविधाएं, प्रशासन, सार्वजनिक योजनाएं, स्थानीय शासन, सामाजिक विषय, संस्कृति, सार्वजनिक संस्थाएं और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे हमारी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
हम विशेष रूप से उन स्थानीय मुद्दों को व्यापक मंच देने का प्रयास करेंगे जो आम नागरिक के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं, लेकिन जिन्हें अक्सर बड़े मीडिया विमर्श में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता।
प्रतिनिधि टाइम्स अपने पाठकों को केवल समाचार प्राप्त करने वाला वर्ग नहीं मानता। हम चाहते हैं कि आम नागरिक अपने क्षेत्र और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों, समस्याओं और उपलब्ध सूचनाओं को सामने लाने में सहभागी बने।
किसी गांव की सड़क, स्कूल की व्यवस्था, अस्पताल की सुविधा, पंचायत का विकास कार्य, सार्वजनिक योजना, स्थानीय प्रशासन या किसी जनप्रतिनिधि से जुड़ा कोई जनहित का प्रश्न—इन सभी विषयों पर नागरिकों की जानकारी और सवाल महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई किसी सूचना को प्रकाशित करने से पहले उसकी प्रकृति, सार्वजनिक महत्व, विश्वसनीयता और उपलब्ध प्रमाणों का संपादकीय स्तर पर मूल्यांकन किया जा सकता है।
मोहम्मद वज़हुल कमर — पत्रकारिता से सामाजिक जवाबदेही तक
वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक एवं राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद वज़हुल कमर के पत्रकारिता अनुभवों और स्वतंत्र पत्रकारिता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता।

मोहम्मद वज़हुल कमर
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक
“चाटुकारिता नहीं, सवाल करने वाली पत्रकारिता — हमारा आधार अफवाह नहीं, तथ्य है। हमारा उद्देश्य सनसनी नहीं, जनहित है।”
— मोहम्मद वज़हुल कमर
प्रतिनिधि टाइम्स की परिकल्पना वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक एवं राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद वज़हुल कमर के दशकों के जमीनी पत्रकारिता अनुभवों और स्वतंत्र पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से जुड़ी है।
समाचार पत्र संचालन की व्यावसायिक चुनौतियों के बावजूद पत्रकारिता के प्रति उनका संकल्प कभी कमजोर नहीं हुआ। इसके विपरीत, यह अनुभव डिजिटल माध्यम में एक नए, अधिक व्यापक और स्वतंत्र मंच की प्रेरणा बना।
पत्रकारिता यात्रा के प्रमुख आयाम
मिथिला पोस्ट — संघर्ष और अनुभव
2015वर्ष 2015 में मोहम्मद वज़हुल कमर ने 'मिथिला पोस्ट' नाम से दैनिक हिंदी समाचार पत्र की शुरुआत की। अपने सीमित कार्यकाल में इस समाचार पत्र ने जनहित के मुद्दों और स्थानीय स्तर की समस्याओं को प्रमुखता देने का प्रयास किया।
डिजिटल माध्यम और सामाजिक सरोकार
डिजिटल विस्तारप्रिंट प्रकाशन के बाद भी मोहम्मद वज़हुल कमर ने डिजिटल मीडिया, वीडियो रिपोर्टिंग और वैचारिक लेखन के माध्यम से सामाजिक एवं सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी सक्रियता जारी रखी।
लोकतांत्रिक संवाद और निष्पक्ष मंच
वर्तमान संकल्पप्रतिनिधि टाइम्स इसी समृद्ध अनुभव को एक संस्थागत डिजिटल पत्रकारिता मंच के रूप में आगे बढ़ाने का जीवंत प्रयास है, जहां पंचायत से संसद तक जवाबदेही तय होती है।
अफवाह और सनसनी से परे सरकारी दस्तावेज़, आधिकारिक रिकॉर्ड और सार्वजनिक रिपोर्ट पर आधारित पत्रकारिता।
ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक निर्वाचित प्रतिनिधियों और सार्वजनिक संस्थाओं से पारदर्शी सवाल पूछना।
आरोप और शिकायत को स्वतः सिद्ध न मानकर दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का यथोचित अवसर देना।
क्या आपके पास जनहित का कोई मुद्दा या प्रमाण है?
संपादकीय टीम और संस्थापक से सीधे साझा करें।
प्रतिनिधि टाइम्स लाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?
आज आम नागरिक अपने जनप्रतिनिधियों से विकास, अधिकार, सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर अनेक अपेक्षाएं रखता है। इसी प्रकार लोग सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और अन्य सार्वजनिक संस्थाओं से भी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और बेहतर कार्य की उम्मीद करते हैं। लेकिन कई बार जनता और इन प्रतिनिधियों या संस्थाओं के बीच संवाद की कमी दिखाई देती है।
यहीं स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रतिनिधि टाइम्स इस दूरी को कम करने और जनता के सवालों को सार्वजनिक विमर्श तक पहुंचाने का प्रयास है। हम यह मानकर नहीं चलते कि हर प्रतिनिधि गलत है या हर संस्था पर सवाल उठना चाहिए। इसके विपरीत हमारा दृष्टिकोण यह है कि—
यही एक स्वस्थ Check & Balance व्यवस्था की भावना है।
हमारी संपादकीय स्वतंत्रता
प्रतिनिधि टाइम्स किसी राजनीतिक दल, व्यक्ति, संगठन, धार्मिक संस्था या अन्य बाहरी हित का आधिकारिक प्रवक्ता नहीं है। हम स्वतंत्र संपादकीय निर्णय, तथ्यपरकता और जनहित को प्राथमिकता देने का प्रयास करेंगे।
किसी विषय पर सवाल उठाना किसी व्यक्ति या संस्था के प्रति व्यक्तिगत विरोध का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। इसी प्रकार किसी उपलब्धि की रिपोर्टिंग को समर्थन या किसी आलोचनात्मक रिपोर्ट को विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
हम विषय और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता करने का प्रयास करते हैं।
हमारी आचार-प्रतिबद्धता
प्रतिनिधि टाइम्स जिम्मेदार पत्रकारिता के निम्नलिखित मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का प्रयास करेगा—
हम लागू कानूनों और डिजिटल समाचार प्रकाशन से संबंधित प्रासंगिक नियमों एवं आचार मानकों के अनुरूप जिम्मेदार पत्रकारिता करने का प्रयास करेंगे।
हमारा लक्ष्य
प्रतिनिधि टाइम्स का दीर्घकालिक लक्ष्य एक ऐसा विश्वसनीय डिजिटल मीडिया मंच विकसित करना है जहां—
जनता सवाल पूछ सके,
प्रतिनिधि जवाब दे सकें,
संस्थाएं अपना पक्ष रख सकें,
तथ्य सार्वजनिक विमर्श का आधार बनें,
और महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे केवल खबर बनकर समाप्त न हो जाएं।
हमारा प्रयास है कि पत्रकारिता सत्ता के करीब रहने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के सवालों और सार्वजनिक हित का स्वतंत्र मंच बने।
हमारा संकल्प
हम सत्ता के साथ संवाद करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सत्ता से सवाल भी करेंगे।
हम जनप्रतिनिधियों की उपलब्धियों को भी सामने रखेंगे और उनकी सार्वजनिक जिम्मेदारियों से जुड़े प्रश्नों को भी उठाएंगे।
हम सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थाओं की सकारात्मक पहलों को भी स्थान देंगे और जनहित से जुड़े आवश्यक प्रश्नों को भी सामने रखेंगे।
हम आरोपों को फैसला नहीं बनाएंगे, शिकायत को दोषसिद्धि नहीं मानेंगे और किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध पूर्वाग्रह को पत्रकारिता का आधार नहीं बनाएंगे।
हमारा प्रयास रहेगा कि खबर से पहले तथ्य, आरोप से पहले आधार और निष्कर्ष से पहले पर्याप्त संदर्भ को महत्व दिया जाए।
अंततः — प्रतिनिधि टाइम्स किसके लिए है?
प्रतिनिधि टाइम्स उस नागरिक के लिए है जो सवाल पूछना चाहता है।
प्रतिनिधि टाइम्स
सवाल जनता के।
जवाब प्रतिनिधियों के।
आधार तथ्यों का।
मुद्दा जनहित का।
और प्रतिबद्धता स्वतंत्र एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति।
प्रतिनिधि टाइम्स — प्रतिनिधि से सवाल, जनता को जवाब।
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